जालौन/उरई मैट्रिमोनियल साइट्स पर दूल्हा बनकर 66 लाख की ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश, तीन शातिर दबोचे कार,13 सिम व फर्जी दस्तावेज बरामद

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जालौन/उरई मैट्रिमोनियल साइट्स पर दूल्हा बनकर 66 लाख की ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश, तीन शातिर दबोचे कार,13 सिम व फर्जी दस्तावेज बरामद

जालौन/उरई: मैट्रिमोनियल साइट्स पर दूल्हा बनकर 66 लाख की ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश, तीन शातिर दबोचे कार, 13 सिम व फर्जी दस्तावेज बरामद

जालौन- इंटरनेट और सोशल मीडिया के दौर में रिश्तों की तलाश कर रहे परिवारों को शिकार बनाने वाले एक अंतरराज्यीय साइबर गिरोह पर जालौन पुलिस ने बड़ा प्रहार किया है। साइबर क्राइम थाना पुलिस ने लोकप्रिय मैट्रिमोनियल वेबसाइट्स पर फर्जी प्रोफाइल बनाकर युवतियों और उनके परिजनों को शादी का झांसा देकर लाखों रुपये की चपत लगाने वाले तीन शातिर जालसाजों को गिरफ्तार किया है। आरोपी खुद को प्रतिष्ठित परिवारों का बताकर भावनात्मक जाल में फंसाते थे और फिर परिवार में गंभीर बीमारी का झूठा नाटक रचकर ऑनलाइन मोटी रकम ऐंठ लेते थे। नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) की जांच में अब तक इनके खिलाफ दर्ज 5 मामलों में 66 लाख रुपये से अधिक की ठगी की पुष्टि हो चुकी है।

फर्जी प्रोफाइल, झूठी शान और फिर ‘इलाज’ के नाम पर वसूली

जालौन साइबर क्राइम थाने के अधिकारियों के अनुसार, आरोपी ‘शादी डॉट कॉम’ (Shaadi.com) और ‘जीवनसाथी डॉट कॉम’ (Jeevansathi.com) जैसे प्रतिष्ठित प्लेटफॉर्म्स पर आकर्षक और उच्च शिक्षित युवक की फर्जी प्रोफाइल तैयार करते थे। इसके बाद वह शादी के लिए रिश्ता तलाश रही युवतियों को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजकर बातचीत शुरू करते।
कुछ दिनों तक विश्वास जीतने के बाद आरोपी शादी तय करने का भरोसा दिलाते और फिर अचानक परिवार के किसी सदस्य (जैसे मां, बहन या पिता) के गंभीर रूप से बीमार होने या अस्पताल में भर्ती होने की झूठी कहानी गढ़ते। ‘इलाज के लिए तुरंत रुपयों की जरूरत’ का भावनात्मक दबाव बनाकर वे पीड़िताओं से अलग-अलग बैंक खातों में ऑनलाइन पैसे ट्रांसफर करा लेते थे। रकम मिलने के कुछ समय बाद वे अपने मोबाइल नंबर बंद कर पीड़ितों से संपर्क तोड़ देते थे।

तलाशी में मिला साइबर ठगी का जखीरा

 


साइबर सेल और थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने तकनीकी सर्विलांस और मुखबिर की सूचना के आधार पर जाल बिछाकर गिरोह के तीन सक्रिय सदस्यों को दबोच लिया। तलाशी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से ठगी में इस्तेमाल की जाने वाली सामग्री और वाहन जब्त किए हैं- 1 स्विफ्ट डिजायर (वारदात और आवाजाही में प्रयुक्त)
डिजिटल उपकरण 6 एंड्रॉइड मोबाइल फोन, विभिन्न कंपनियों के 13 एक्टिव सिम कार्डबैंकिंग सामग्री 7 एटीएम/डेबिट कार्ड फर्जी साक्ष्य 2 रबर मुहरें (सील) और कई कूटरचित/फर्जी दस्तावेज 5 शिकायतों में 66 लाख से अधिक का गबन, एक फरार साइबर पुलिस द्वारा नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर जांच करने पर पता चला कि इस गिरोह के खिलाफ देश के विभिन्न हिस्सों से अब तक 5 बड़ी शिकायतें दर्ज हैं, जिनमें कुल 66,04,881 (छियासठ लाख चार हजार आठ सौ इक्यासी) रुपये की ठगी का खुलासा हुआ है। पुलिस का मानना है कि आरोपियों के बैंक खातों और कॉल डिटेल्स की गहन पड़ताल के बाद ठगी का यह आंकड़ा करोड़ों में पहुंच सकता है।

मामले में गिरोह का एक मुख्य सहयोगी, जिसकी पहचान मंगल सिंह के रूप में हुई है, फिलहाल मौके से फरार होने में कामयाब रहा। पुलिस की विशेष टीमें उसकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। साइबर थाना पुलिस ने पकड़े गए तीनों आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी, आईटी एक्ट और जालसाजी की सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उन्हें न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेजने की विधिक कार्रवाई की जा रही है।

रिपोर्ट- सोनू महाराज (जालौन)