टहरौली में नीट पेपर लीक के विरोध में प्रदर्शन, राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन

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टहरौली में नीट पेपर लीक के विरोध में प्रदर्शन, राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन

टहरौली में नीट पेपर लीक के विरोध में प्रदर्शन, राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन

टहरौली (झांसी)। नीट पेपर लीक मामले, शिक्षा व्यवस्था में सुधार और छात्रों की विभिन्न मांगों को लेकर टहरौली में युवाओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन कर राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी को सौंपा। प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए पेपर लीक मामलों में सख्त कार्रवाई की मांग उठाई।

प्रदर्शन बस स्टैंड टहरौली से शुरू हुआ, जहां युवाओं ने हाथों में तख्तियां लेकर नारेबाजी की। इसके बाद सभी प्रदर्शनकारी उपजिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और महामहिम राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन उपजिलाधिकारी आशीष कुमार को सौंपा।

प्रदर्शनकारियों का कहना था कि देशभर में छात्र अपने अधिकारों और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान छात्रों के साथ पुलिस द्वारा बल प्रयोग किया गया, जिसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। साथ ही मांग की गई कि छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए और पेपर लीक से जुड़े आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए।

वरिष्ठ पत्रकार बाबू सिंह यादव ने छात्रों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि युवाओं की आवाज को लोकतांत्रिक तरीके से उठाया जाना चाहिए।

शिखा आर्य ने कहा कि छात्र-छात्राओं के साथ किसी भी प्रकार का अन्याय स्वीकार नहीं किया जाएगा और उनकी मांगों को पूरा कराने के लिए हर स्तर पर संघर्ष जारी रहेगा।

समाजसेवी लेखराज पटेल ने कहा कि नीट परीक्षा आयोजित करने वाली संस्था एनटीए (NTA) की कार्यप्रणाली की समीक्षा की जानी चाहिए ताकि भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और छात्रों का भविष्य सुरक्षित रहे।

सोनू यादव ने कहा कि बेरोजगार छात्र किसी राजनीतिक दल के समर्थन में नहीं, बल्कि अपने अधिकारों और बेहतर शिक्षा व्यवस्था की मांग को लेकर एकजुट हुए हैं। उन्होंने सरकार से शिक्षा और पर्यावरण के क्षेत्र में प्रभावी कार्य करने की अपील की।

सुरेंद्र प्रजापति ने कहा कि छात्र देश का भविष्य हैं और उनकी आवाज को दबाने का प्रयास लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।

राजा ठाकुर ने कहा कि सरकार को छात्रों से संवाद कर उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए, अन्यथा आंदोलन और व्यापक हो सकता है।

वहीं संजय कुशवाहा ने अपने संबोधन में वर्तमान सरकार की नीतियों की आलोचना करते हुए कहा कि छात्रों, किसानों और बेरोजगार युवाओं की समस्याओं का समाधान होना चाहिए।

इस अवसर पर एडवोकेट रामचरण कुशवाहा, एडवोकेट चंद्रभान वर्मा, आशाराम कुशवाहा, पूर्व प्रधान हीरालाल अहिरवार, राघवेंद्र पटेल, अंकित गौतम, हरेंद्र आर्य, अनिल कुशवाहा, विशाल कुशवाहा, बृजेन्द्र कुशवाहा, मनीष पाल, कपिल तिवारी, दीपक यादव, प्रदीप यादव, उदयभान, शिवम अहिरवार, आशीष पाल, विवेक, जाहर सिंह, कुलदीप, रामनरेश यादव, राजा बिरथरे, दीपक प्रजापति, धीरेंद्र कुमार, उजेंद्र पटेल, रामसिंह पटेल, शिवम कुशवाहा, निर्भय सिंह निरंजन सहित बड़ी संख्या में युवा एवं स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।