झांसी: नाव में रील बनाना पड़ा महंगा डैम में डूबे चार छात्र- दो की हुई मौत

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झांसी मै रविवार (4 अप्रैल) को प्रेमनगर थाना क्षेत्र स्थित गढिया रेलवे डैम में पिकनिक मनाने गए 11 वीं कक्षा के चार छात्र नाव पलटने से डूबे , डैम के पास एक चरवाहे ने हिम्मत  दिखाते हुए दो दोस्तों को डूबने से बचा लिया लेकिन दो लोगों की दर्दनाक मौत हो गई है, वहीं एक छात्र आतिफ की लास सोमवार सुबह मिल गई है, एक छात्र की लास अभी भी लापता है, तलाश जारी हैं।

कौन थे ये चारों छात्र:
लहर गिर्द निवासी शौर्य (18 वर्ष), प्रेमगंज निवासी वेदांश यादव (18 वर्ष), प्रेमनगर के महावीरन मोहल्ला निवासी श्रवण तिवारी (19 वर्ष) और नगरा निवासी आतिफ मंसूरी (19 वर्ष) माउंट लिट्रा जी स्कूल में 11वीं कक्षा के छात्र थे।

क्या है पूरा मामला:
चारों छात्र रविवार को कोचिंग जाने की बात कहकर घर से निकले थे, लेकिन वे बाइक से पिकनिक मनाने गाड़िया गांव डैम पहुंच गए। जहां चारों डैम के किनारे पड़ी नाव के साथ पानी में उतर गए । वायरल वीडियो में – नाव में रील बनाते हुए वेदांश यादव कह रहा है- “नाव हाईजैक करके पूरे रेलवे डैम में घूम रहे हैं। मुझे तैरना आता है, मैं बच जाऊंगा, इसका (शौर्य) पता नहीं।”
वही आस पास के लोगों का कहना है कि चारों छात्र नाव पर खड़े होकर वीडियो बना रहे थे और नाव असंतुलित हो गई जी और चारों पानी में डूबने लगे , मौके पर मौजूद कल्लू केवट ने हिम्मत दिखाते हुए दो छात्रों श्रवण तिवारी और शौर्य को बचा लिया।परंतु वेदांत यादव ओर आतिफ मंसूरी को बचाया न जा सका।

घटना के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर इकट्ठा हो गए और पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची और सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया। हालांकि, अंधेरा होने के कारण सर्च ऑपरेशन को बीच में ही रोकना पड़ा।

आतिफ अंसारी का हुआ शव बरामत:
सोमवार सुबह सर्च ऑपरेशन फिर से शुरू किया गया। स्थानीय गोताखोरों की सहायता से करीब 9 बजे आतिफ मंसूरी का शव बरामद कर लिया गया, जबकि वेदांश यादव का अभी तक कोई सुराग नहीं मिल सका है। जिस स्थान पर छात्र डूबे थे, वहां पानी की गहराई लगभग 30 फीट बताई जा रही है।

परिजनों का रो रो कर बुरा हाल:
आतिफ मंसूरी का शव मिलने के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। वह अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। उसके पिता शहजाद रेलवे में ठेके पर कार्य करते हैं। वहीं, वेदांश यादव भी अपने परिवार का इकलौता बेटा है और उससे बड़ी एक बहन कशिश है, जो बीटीसी कर रही है।


वेदांश के पिता विश्ववीर यादव कृषि विभाग में बाबू के पद पर कार्यरत थे, जिनकी वर्ष 2008 में एक सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी। उस समय वेदांश काफी छोटा था। इसके बाद उसकी मां रंजनी यादव को नौकरी मिल गई और वर्तमान में वह कृषि विभाग के भू संरक्षण शाखा में क्लर्क के पद पर कार्यरत हैं।

एसडीएम गोपेश तिवारी ने बताया– कि रेलवे डैम में डूबे चार बच्चों में से दो को ग्रामीणों की मदद से सुरक्षित बचा लिया गया था। रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान आज एक बच्चे का शव बरामद कर लिया गया है, जबकि दूसरे लापता बच्चे की तलाश अभी भी जारी है। प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य में तेजी लाने के लिए SDRF की टीम को मौके पर बुला लिया है।

रिपोर्ट – शिवांगी कुमारी