झांसी : जिस मामा ने जमीन जायदाद दी उसी मामा को भांजे ने जिंदा जला दिया

184

झांसी से एक ऐसा सनसनीखेज हत्याकांड सामने आया है, जिसने रिश्तों पर ही सवाल खड़े कर दिए हैं। जिस 69 वर्षीय मामा ने अपनी पूरी संपत्ति अपने भांजे और बहन के नाम कर दी, उसी भांजे ने अपने साले के साथ मिलकर पहले मामा का अपहरण किया, फिर सिर कुचल दिया और जब उससे भी मौत नहीं हुई तो पेट्रोल डालकर जिंदा जला दिया।
आखिर इस खौफनाक वारदात के पीछे की पूरी कहानी क्या है? पुलिस ने कैसे इस ब्लाइंड मर्डर का खुलासा किया? आइए जानते हैं पूरी रिपोर्ट।
यह पूरा मामला झांसी के लहचूरा थाना क्षेत्र का है।पुलिस के मुताबिक, 69 वर्षीय नेपाल सिंह तोमर 28 जून की रात अपने घर के बाहर सो रहे थे। देर रात उनका सगा भांजा प्रीतम सिंह अपने चचेरे साले राजा सिंह उर्फ गोलू के साथ कार से वहां पहुंचा। दोनों ने सो रहे नेपाल सिंह को चादर समेत उठाकर कार में डाल लिया और करीब 30 किलोमीटर दूर मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के करारागंज गांव के जंगल की ओर निकल गए।
रास्ते में आरोपियों ने पहले गला दबाकर हत्या करने की कोशिश की। जब नेपाल सिंह की सांसें चलती रहीं तो उनके सिर पर पत्थर से कई वार किए। लेकिन इसके बाद भी जब उनकी मौत नहीं हुई तो आरोपियों ने उन पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी और मौके से फरार हो गए।
दो जुलाई को जंगल से गुजर रहे लोगों को एक जला हुआ शव मिला। सूचना मिलने पर मध्य प्रदेश पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी में रखवा दिया।उधर, 29 जून की सुबह जब नेपाल सिंह घर पर नहीं मिले तो परिजनों ने काफी तलाश की लेकिन कोई सुराग नहीं लगा। इसके बाद उनके बड़े भाई वीर सिंह ने लहचूरा थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई।
इसी दौरान वीर सिंह ने पुलिस को बताया कि घटना से दो दिन पहले भांजा प्रीतम सिंह नेपाल सिंह को धमकी देकर गया था। उसने कहा था कि अगर वह घर छोड़कर नहीं गए तो जान से मार देगा।
यहीं से पुलिस का शक प्रीतम सिंह पर गहरा गया।जब यूपी पुलिस ने बॉर्डर पर मध्य प्रदेश पुलिस से संपर्क किया तो जंगल में मिले अज्ञात शव की जानकारी मिली। परिजनों को मोर्चरी ले जाया गया, जहां आधी जली चादर और शव के आधार पर नेपाल सिंह की पहचान हुई।
इसके बाद चार जुलाई को हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया और पुलिस ने आसपास के CCTV कैमरों की जांच शुरू की। सीसीटीवी फुटेज और मुखबिर की सूचना के आधार पर शनिवार देर रात पुलिस ने आरोपी भांजा प्रीतम सिंह और उसके साले राजा सिंह उर्फ गोलू को गिरफ्तार कर लिया। वारदात में इस्तेमाल की गई कार भी बरामद कर ली गई।
पूछताछ में दोनों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। पुलिस के अनुसार, आरोपी प्रीतम ने बताया कि नेपाल सिंह उनके घर पर ही रहते थे और अपनी पूरी संपत्ति उसकी मां और उसके नाम कर चुके थे। लेकिन प्रीतम अपनी जमीनें पहले ही बेच चुका था और अब वह अपनी मां की संपत्ति भी बेचना चाहता था। नेपाल सिंह इसका लगातार विरोध कर रहे थे। यही विरोध उनकी हत्या की वजह बन गया।पुलिस का यह भी कहना है कि हत्या की साजिश 28 जून को ही रची गई थी। इसमें प्रीतम ने अपने चचेरे साले राजा सिंह के साथ-साथ अपने एक दोस्त अनुज को भी शामिल किया था। हालांकि अनुज की भूमिका की जांच अभी जारी है।फिलहाल पुलिस ने दोनों मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और पूरे मामले की आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है
### *क्लोजिंग*
रिश्तों को शर्मसार कर देने वाली यह वारदात सिर्फ एक हत्या नहीं, बल्कि लालच की वह कहानी है जिसमें संपत्ति के लिए एक भांजे ने अपने ही मामा को बेहद दर्दनाक मौत दी।
इस पूरे मामले पर आपकी क्या राय है? हमें कमेंट करके जरूर बताइए।
वीडियो पसंद आया हो तो इसे लाइक करें, शेयर करें और The News Tantra को सब्सक्राइब करना न भूलें।