झांसी : राजापुर गांव का पारंपरिक दंगल – भव्य मेले का आयोजन

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कल दिनांक 3 अप्रैल को ग्राम राजापुर में हर वर्ष की तरह आयोजित होने वाला विशाल दंगल का आयोजन हुआ , होली और मेला सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि गाँव की पहचान और उसकी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है। राजापुर में यह परंपरा कई वर्षों से चली आ रही है, जो आज भी उसी उत्साह और श्रद्धा के साथ निभाई जा रही है।इस समय यह भव्य मेला और दंगल लोगों को एकजुट करता है।

दंगल की रौनक पहलवान:
दूर-दूर से पहलवान आकर अपनी ताकत और हुनर का प्रदर्शन करते हैं, जिससे दंगल का माहौल रोमांच से भर जाता है। गाँव के बुजुर्गों से लेकर युवा और बच्चे तक इस आयोजन का बेसब्री से इंतजार करते हैं।                               

मेले में पारंपरिक झूले, मिठाइयों की दुकानें, खिलौने और स्थानीय हस्तशिल्प की झलक देखने को मिलती है। यह आयोजन न केवल मनोरंजन का माध्यम है, बल्कि गाँव की पुरानी रीति-रिवाज, आपसी भाईचारे और एकता को भी दिखाता है।


ग्राम राजापुर का यह आयोजन आने वाली पीढ़ियों को अपनी जड़ों से जोड़ने का काम करता है। यह परंपरा हमें सिखाती है कि आधुनिकता के बीच भी अपनी संस्कृति और रीति-रिवाजों को संजोकर रखना कितना जरूरी है।

युवा शक्ति का योगदान:
इस पूरे आयोजन को सफल बनाने में ‘राजापुर नव युवा टीम’ की अहम भूमिका रही। कई दिनों की कड़ी मेहनत और बेहतर प्रबंधन के जरिए युवाओं ने यह संदेश दिया कि वे अपनी संस्कृति को अगली पीढ़ी तक ले जाने के लिए तैयार हैं। आयोजन के अंत में सुनील यादव (राजापुर) ने सभी आगंतुकों और सहयोगियों का हृदय से आभार व्यक्त किया।

रिपोर्ट – शिवांगी कुमारी