सांसद अनुराग शर्मा ने संसद में उठाई BIDAभूमि अधिग्रहण में फ्रीज़ सर्किल रेट व पुनर्वास मूल्यांकन से किसानों को हो रही परेशानियों की गंभीर समस्या

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सांसद अनुराग शर्मा ने संसद में उठाई BIDAभूमि अधिग्रहण में फ्रीज़ सर्किल रेट व पुनर्वास मूल्यांकन से किसानों को हो रही परेशानियों की गंभीर समस्या

 

किसानों की आवाज बने सांसद अनुराग शर्मा, BIDA भूमि अधिग्रहण की खामियों पर संसद में जताई गहरी चिंता

 

सांसद अनुराग शर्मा ने संसद में कहा—फ्रीज़ सर्किल रेट ने बढ़ाई किसानों की पीड़ा, पुनर्वास मूल्यांकन में तत्काल सुधार आवश्यक

झांसी–ललितपुर के लोकप्रिय सांसद माननीय अनुराग शर्मा जी ने आज लोकसभा में बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण (BIDA) के अंतर्गत भूमि अधिग्रहण से जुड़ी किसानों की जमीनी समस्याओं को अत्यंत प्रभावशाली ढंग से उठाया। उन्होंने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने बुंदेलखंड को औद्योगिक मानचित्र पर उभारने के लिए जो ऐतिहासिक और दूरदर्शी पहल की है, वह निश्चित रूप से क्षेत्र के विकास की नई कहानी लिखेगी। परंतु इस विकास का लाभ तब ही सार्थक होगा, जब किसानों के साथ न्याय सुनिश्चित हो।

सांसद जी ने विशेष रूप से फ्रीज़ सर्किल रेट और पुनर्वास भूमि के मूल्यांकन की प्रक्रिया पर गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने स्पष्ट कहा कि मौजूदा व्यवस्था के कारण किसानों को वास्तविक, व्यावहारिक और आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। कई ऐसे गांव हैं जहाँ वर्षों से सर्किल रेट में किसी प्रकार की वृद्धि नहीं हुई है—इन गांवों के किसानों को आज भी पुराने, बेहद कम मूल्यांकन के आधार पर नुकसान उठाना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि उन गांवों के किसानों को सबसे अधिक पीड़ा हो रही है, जहाँ बाजार मूल्य तो कई गुना बढ़ चुका है, परंतु सर्किल रेट स्थिर होने के कारण मुआवजा वास्तविकता से मेल नहीं खा रहा। उन्होंने सदन में जोर देकर कहा कि यदि किसी गांव का सर्किल रेट अद्यतन नहीं है, तो उस गांव के किसानों को उचित मुआवजा मिल पाना असंभव जैसा हो जाता है। ऐसे गांवों में अधिग्रहित भूमि का मूल्यांकन वास्तविक बाजार दर के अनुसार किया जाना चाहिए, ताकि किसान अपने भविष्य को सुरक्षित कर सकें और विकास की इस प्रक्रिया में भागीदार बन सकें, न कि पीड़ित।

सांसद अनुराग शर्मा जी ने पुनर्वास भूमि के विधिक पट्टाधारकों को उचित अधिकार और न्यायपूर्ण मूल्यांकन सुनिश्चित करने की मांग भी दृढ़ता से रखी। उन्होंने कहा कि प्रभावित परिवारों के लिए दीर्घकालिक सामाजिक–आर्थिक सुरक्षा, कौशल विकास, आधारभूत सुविधाएँ और सम्मानजनक पुनर्वास सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी की कार्यशैली और सुशासन की खुलकर प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि योगी जी ने उत्तर प्रदेश में विकास, सुरक्षा और पारदर्शिता का जो मानक स्थापित किया है, वह पूरे देश में मिसाल बन चुका है। बुंदेलखंड के प्रति योगी जी की प्रतिबद्धता, औद्योगिक विकास के साथ किसानों के हितों की रक्षा करने का संतुलित दृष्टिकोण बेहद प्रशंसनीय है।