टहरौली महोत्सव सिर्फ मनोरंजन नहीं, हमारी सभ्यता और संस्कृति का मंच है: राज्यमंत्री हरगोविंद कुशवाहा

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टहरौली ( झांसी ) द्वितीय टहरौली महोत्सव के आयोजन हेतु आयोजन समिति की एक बैठक टहरौली किला गेट पर आयोजित की गई थी। बैठक में आयोजन की तिथि सहित अन्य कार्यक्रमों के संबंध में समिति द्वारा विंदुवार विस्तार से चर्चा हुई। सबसे पहले आयोजन की तिथि का विचार हुआ। आयोजन हेतु ऐसी तिथियों पर विचार हुआ जब सर्दी कम रहे और लोग व्यस्त न हों। आयोजन में शामिल किए जाने वाले कार्यक्रमों पर भी चर्चा हुई। आयोजन का पहला मूल उद्देश्य क्षेत्रीय प्रतिभाओं को मंच प्रदान कराना और सांस्कृतिक मूल्यों को आगे बढ़ाने संबंधी विषय रहेगा। महोत्सव में बुंदेली कला संस्कृति के कार्यक्रमों की प्रमुखता रहेगी, इसके अलावा कवि सम्मेलन, लोक नृत्य, एकल एवं समूह चर्चा, स्कूली विद्यार्थियों की प्रस्तुतियां सहित विविध आयोजन होंगे.

राज्यमंत्री हरगोविंद कुशवाहा ने कहा कि टहरौली महोत्सव में बुंदेली कला संस्कृति से जुड़े कलाकारों को मंच प्रदान किया जाएगा आगे उन्होंने कहा कि टहरौली महोत्सव न केवल एक मनोरंजन का आयोजन है अपितु यह हमारी सभ्यता और संस्कृति की प्रस्तुति का एक मंच है, ऐसे अयोजन से क्षेत्रीय विद्याओं को संरक्षण मिलता है। टहरौली महोत्सव के संयोजक आशीष उपाध्याय ने क्षेत्रीय गणमान्यजनों से आयोजन में सहभागिता करने की अपील की है।

इस मौके पर राज्यमंत्री हरगोविंद कुशवाहा, आशीष उपाध्याय, रविन्द्र सोनी, रिंकू दीक्षित, नीलेश द्विवेदी माते, रामकुमार सोनी, अवध बिहारी तहसील अध्यक्ष प्रधान संघ, हरनाम सिंह आर्य, गीता सोनी, अनुराग खरे, संजीव जैन, महेश वर्मा, आनंद रावत, राजू गुप्ता, दीपेंद्र मकडारिया, आदित्य चौहान, पुष्पेन्द्र रिछारिया, विक्रम छापकर, शैलेश शर्मा, संतोष कुशवाहा, टिंकू यादव, शशांक सोनी, जितेन्द्र उपाध्याय, निक्की शर्मा, सुग्रीव समाधिया, हिमांशु समाधिया, पप्पू तिवारी, गड़ूका वाले महाराज, सुमित अहिरवार, पीयूष रिछारिया, शैलेन्द्र दीक्षित, रमेश अहिरवार, आयुष समाधिया, मनोज तिवारी, विशाल सोनी, महेश आर्य, दिनेश घोष, भागीरथ आर्य, रावण, सरकार नापित आदि उपस्थित रहे।