अतिवृष्टि से खरीफ फसल को भारी नुकसान, मुआवजे की मांग को लेकर तहसील पहुंचे किसान।

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अतिवृष्टि से खरीफ फसल को भारी नुकसान, मुआवजे की मांग को लेकर तहसील पहुंचे किसान।

अतिवृष्टि से खरीफ फसल को भारी नुकसान, मुआवजे की मांग को लेकर तहसील पहुंचे किसान।

झांसी जिले के टहरौली तहसील क्षेत्र में अतिवृष्टि के कारण खरीफ की फसलों को हुए नुकसान ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। लगातार और अत्यधिक बारिश के चलते खेतों में खड़ी फसल प्रभावित होने की बात सामने आ रही है। फसल नुकसान के बाद किसानों ने प्रशासन से जल्द सर्वे कराकर वास्तविक क्षति का आकलन कराने और पात्र किसानों को नियमानुसार मुआवजा दिलाने की मांग की है।फसल क्षति के मुद्दे को लेकर दो दर्जन से अधिक किसान टहरौली तहसील पहुंचे और तहसीलदार गोवर्धन कुमार शुक्ल से मुलाकात कर अपनी समस्या रखी। किसानों ने तहसीलदार को ज्ञापन/शिकायत प्रस्तुत करते हुए अतिवृष्टि से प्रभावित फसलों का शीघ्र सर्वे कराने की मांग की।

बारिश से खेतों में खड़ी खरीफ फसल प्रभावित

किसानों ने बताया कि क्षेत्र में हुई अत्यधिक बारिश के कारण खेतों में पानी भर गया है। इससे खरीफ की फसलों को नुकसान पहुंचा है। किसानों के मुताबिक फसल तैयार होने के समय बारिश होने से उन्हें आर्थिक नुकसान की आशंका है। खेती में बीज, खाद, जुताई, सिंचाई और अन्य कृषि कार्यों में किसानों ने काफी खर्च किया है। ऐसे में फसल खराब होने से उनकी लागत निकलना भी मुश्किल हो सकता है।किसानों का कहना है कि अतिवृष्टि से प्रभावित खेतों का मौके पर जाकर सर्वे कराया जाना जरूरी है, ताकि फसल को हुए वास्तविक नुकसान की जानकारी सामने आ सके। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि सर्वे प्रक्रिया में प्रभावित किसानों के खेतों का निष्पक्ष रूप से निरीक्षण किया जाए और नुकसान के आधार पर राहत राशि उपलब्ध कराई जाए।

किसानों ने जल्द सर्वे और मुआवजे की मांग उठाई

तहसील पहुंचे किसानों ने कहा कि प्राकृतिक आपदा के कारण फसल को हुए नुकसान की भरपाई अकेले किसान के लिए करना मुश्किल है। खरीफ की फसल पर किसानों की आय काफी हद तक निर्भर रहती है। ऐसे में फसल नुकसान की स्थिति में सरकारी राहत किसानों के लिए महत्वपूर्ण है।किसानों ने प्रशासन से मांग की कि प्रभावित गांवों में राजस्व और संबंधित विभाग की टीम भेजकर खेतों का सर्वे कराया जाए। सर्वे के दौरान फसल क्षति का सही आंकलन कर रिपोर्ट तैयार की जाए और शासन की निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार पात्र किसानों के खातों में मुआवजा राशि उपलब्ध कराई जाए।किसानों ने यह भी मांग की कि सर्वे के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही न हो और वास्तविक नुकसान झेल रहे किसानों को राहत का लाभ मिल सके।

तहसीलदार ने दिया निष्पक्ष सर्वे का भरोसा

किसानों की समस्याएं सुनने के बाद तहसीलदार गोवर्धन कुमार शुक्ल ने उन्हें भरोसा दिलाया कि अतिवृष्टि से हुई फसल क्षति को लेकर सर्वे का कार्य चल रहा है। उन्होंने कहा कि प्रभावित फसलों का आकलन नियमानुसार किया जा रहा है।तहसीलदार ने स्पष्ट किया कि सर्वे के आधार पर सभी पात्र किसानों को क्षतिपूर्ति की राहत राशि दी जाएगी। किसी भी किसान के साथ भेदभाव नहीं किया जाएगा। उन्होंने किसानों से भी अपील की कि वे फसल क्षति से संबंधित जानकारी प्रशासन तक पहुंचाएं, ताकि सर्वे प्रक्रिया में आवश्यक कार्रवाई की जा सके।तहसीलदार के आश्वासन के बाद किसानों ने उम्मीद जताई कि जल्द ही फसल नुकसान का सर्वे पूरा होगा और प्रभावित किसानों को शासन की ओर से राहत मिल सकेगी।

इन गांवों के किसान रहे मौजूद

तहसीलदार से मुलाकात करने वालों में धीरेन्द्र कुमार, गोविंद सिंह, श्रीराम, काशीराम, मुकेश कुमार, मलखान, रोहित, खुमान, ठाकुरदास, हरवंश, राकेश, राजेंद्र और दीपक सहित अन्य किसान शामिल रहे।इस दौरान सारोल, अतरसुआँ और बारेई सहित क्षेत्र के अन्य गांवों से आए किसानों ने अतिवृष्टि से फसल को हुए नुकसान की जानकारी प्रशासन को दी। किसानों ने उम्मीद जताई कि प्रशासन द्वारा जल्द सर्वे पूरा कर प्रभावित किसानों को नियमानुसार राहत उपलब्ध कराई जाएगी।

किसानों को राहत का इंतजार

अतिवृष्टि के कारण खरीफ फसल को हुए नुकसान के बाद अब किसानों की नजर प्रशासन द्वारा किए जा रहे सर्वे पर है। किसानों का कहना है कि नुकसान का सही आकलन होने और समय पर मुआवजा मिलने से उन्हें आर्थिक संकट से कुछ राहत मिल सकती है। वहीं प्रशासन की ओर से पात्र किसानों को नियमानुसार क्षतिपूर्ति दिए जाने का भरोसा दिया गया है।

रिपोर्ट : अंकित गौतम