झांसी में पूर्व विधायक दीप नारायण सिंह यादव पर ED का शिकंजा, 11 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी से मचा हड़कंप
झांसी। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बुधवार सुबह समाजवादी पार्टी के गरौठा से पूर्व विधायक दीप नारायण सिंह यादव, उनकी पत्नी एवं पूर्व विधायक मीरा यादव तथा उनके सहयोगियों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए एक साथ 11 ठिकानों पर छापेमारी की। सुबह करीब छह बजे शुरू हुई कार्रवाई से झांसी और लखनऊ में दिनभर राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल बनी रही।
सुबह 6 बजे एक साथ कई जगह पहुंची ED
प्रयागराज से पहुंची ईडी की टीम ने सीआरपीएफ, पीएसी और स्थानीय पुलिस बल की सुरक्षा में झांसी के नौ और लखनऊ के दो ठिकानों पर एक साथ दबिश दी। झांसी स्थित मून सिटी में जैसे ही टीम पहुंची, मुख्य गेट बंद करा दिया गया और किसी भी बाहरी व्यक्ति के प्रवेश पर रोक लगा दी गई। अधिकारियों ने घंटों तक दस्तावेजों और डिजिटल रिकॉर्ड की गहन जांच की।
पूर्व विधायक, पत्नी और बेटे से पूछताछ
ईडी अधिकारियों ने कार्रवाई के दौरान पूर्व विधायक दीप नारायण सिंह यादव, उनकी पत्नी मीरा यादव और बेटे मून यादव से भी पूछताछ की। सूत्रों के अनुसार टीम ने चल-अचल संपत्तियों, बैंक लेन-देन, निवेश, कारोबारी गतिविधियों और अन्य वित्तीय रिकॉर्ड से जुड़े दस्तावेजों की जांच की। कई डिजिटल उपकरण और महत्वपूर्ण दस्तावेज भी अपने कब्जे में लिए गए हैं, जिनकी जांच जारी है।
रिश्तेदारों और सहयोगियों के यहां भी छानबीन
ईडी की कार्रवाई केवल पूर्व विधायक के घर तक सीमित नहीं रही। टीम ने इलाइट चौराहा स्थित कुंवर पैलेस होटल, पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष अनिरुद्ध यादव उर्फ बड़े राजा, अशोक गोस्वामी और उनके भाई बबलू उर्फ अन्ना के आवास पर भी तलाशी अभियान चलाया। वहीं, लखनऊ में मीरा यादव के नाम पर दर्ज दो फ्लैटों की भी जांच की गई।
मोंठ स्थित पैतृक आवास पर भी पहुंची टीम
ईडी का एक अन्य दल मोंठ क्षेत्र के बुढ़ावली गांव स्थित पूर्व विधायक के पैतृक आवास भी पहुंचा। सुबह-सुबह भारी पुलिस बल और केंद्रीय सुरक्षा बलों की मौजूदगी से पूरे इलाके में हलचल मच गई। स्थानीय लोग बड़ी संख्या में मौके पर एकत्र हो गए।
देर शाम तक जारी रही कार्रवाई
ईडी की टीम देर शाम तक दस्तावेजों की जांच, डिजिटल डेटा की स्कैनिंग और पूछताछ में जुटी रही। अधिकारियों ने फिलहाल बरामदगी और जांच के संबंध में कोई आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक नहीं की है। माना जा रहा है कि जांच पूरी होने के बाद एजेंसी आगे की कार्रवाई पर निर्णय लेगी




