दतिया में BJP का बड़ा दांव: नरोत्तम मिश्रा का टिकट कटा, आशुतोष तिवारी बने उम्मीदवार; जानिए क्यों बदला पूरा समीकरण

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दतिया में BJP का बड़ा दांव: नरोत्तम मिश्रा का टिकट कटा, आशुतोष तिवारी बने उम्मीदवार; जानिए क्यों बदला पूरा समीकरण

दतिया। मध्य प्रदेश के दतिया विधानसभा उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने ऐसा फैसला लिया है, जिसने प्रदेश की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। लंबे समय से यह माना जा रहा था कि पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ही भाजपा के उम्मीदवार होंगे, लेकिन पार्टी ने अंतिम समय में बड़ा उलटफेर करते हुए आशुतोष तिवारी को अपना अधिकृत प्रत्याशी घोषित कर दिया। इस घोषणा के साथ ही राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।

चुनावी मैदान में पूरी तरह सक्रिय थे नरोत्तम मिश्रा

उपचुनाव की घोषणा के बाद से ही डॉ. नरोत्तम मिश्रा लगातार दतिया में सक्रिय थे। उन्होंने कार्यकर्ताओं के साथ बैठकें कीं, कई जनसभाओं को संबोधित किया और जनता के बीच पहुंचकर माहौल बनाने की कोशिश की।

अपनी पहली जनसभा में उन्होंने जनता से भावुक अपील करते हुए कहा था कि यदि उनके कार्यकाल के दौरान कोई गलती हुई हो तो उन्हें क्षमा कर दिया जाए। उन्होंने यह भरोसा भी दिलाया कि अब उनके व्यवहार और कार्यशैली में बदलाव आ चुका है।

इसके बाद दूसरी सभा में उन्होंने कांग्रेस पर तीखे राजनीतिक हमले किए और कथित 70 करोड़ रुपये की खरीद-फरोख्त के मुद्दे को लेकर विपक्ष को घेरा। इतना ही नहीं, उन्होंने नामांकन पत्र भी खरीद लिया था और राजनीतिक हलकों में चर्चा थी कि वे तय कार्यक्रम के अनुसार नामांकन दाखिल करेंगे।

दिल्ली से आई सूची ने बदल दिया पूरा खेल

जब सभी की नजरें नरोत्तम मिश्रा के नामांकन पर थीं, तभी भारतीय जनता पार्टी की केंद्रीय सूची जारी हुई और उसमें आशुतोष तिवारी को दतिया उपचुनाव का अधिकृत उम्मीदवार घोषित कर दिया गया।

इस फैसले ने न केवल कार्यकर्ताओं बल्कि राजनीतिक विश्लेषकों को भी चौंका दिया। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर आखिरी समय में भाजपा ने उम्मीदवार बदलने का फैसला क्यों लिया।

हालांकि पार्टी की ओर से इस बदलाव के पीछे कोई आधिकारिक कारण सार्वजनिक नहीं किया गया है।

कौन हैं आशुतोष तिवारी?

आशुतोष तिवारी संगठन में लंबे समय से सक्रिय रहे हैं और भाजपा के अनुभवी नेताओं में गिने जाते हैं।

  • भाजपा के संभागीय संगठन मंत्री रह चुके हैं।
  • मध्य प्रदेश हाउसिंग बोर्ड के चेयरमैन के रूप में कैबिनेट मंत्री का दर्जा प्राप्त कर चुके हैं।
  • वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने सेवढ़ा सीट से टिकट की दावेदारी भी की थी।

संगठन में उनकी मजबूत पकड़ और लंबे अनुभव को देखते हुए भाजपा ने इस बार उन पर भरोसा जताया है।

कांग्रेस का उम्मीदवार कौन होगा?

दूसरी ओर, पूर्व विधायक राजेंद्र भारती को भी बड़ा झटका लगा है। उन्हें सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं मिली और उनकी याचिका खारिज हो गई।

हालांकि राजेंद्र भारती पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि यदि कांग्रेस चाहे तो उनके परिवार के बजाय किसी अन्य नेता को उम्मीदवार बना सकती है। उन्होंने यह भी कहा है कि पार्टी जिस भी उम्मीदवार को मैदान में उतारेगी, वे पूरी ताकत से उसके पक्ष में प्रचार करेंगे।

अब कांग्रेस की अंतिम उम्मीदवार सूची पर भी सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।

उपचुनाव में बढ़ी राजनीतिक सरगर्मी

दतिया विधानसभा उपचुनाव के लिए अब तक 13 उम्मीदवार नामांकन पत्र खरीद चुके हैं, जबकि 4 उम्मीदवार नामांकन दाखिल कर चुके हैं। भाजपा के उम्मीदवार की घोषणा के बाद चुनावी मुकाबला और दिलचस्प हो गया है।

सबसे बड़ा सवाल अब यही…

भाजपा ने अंतिम समय में इतना बड़ा फैसला क्यों लिया?

क्या यह केवल उम्मीदवार बदलने का निर्णय है, या इसके पीछे कोई व्यापक चुनावी रणनीति काम कर रही है?

क्या डॉ. नरोत्तम मिश्रा अब पूरी ताकत से आशुतोष तिवारी के पक्ष में प्रचार करेंगे?

और कांग्रेस इस मुकाबले में किस चेहरे पर दांव लगाएगी?

इन सभी सवालों के जवाब आने वाले दिनों में मिलेंगे, लेकिन इतना तय है कि दतिया विधानसभा उपचुनाव अब मध्य प्रदेश की सबसे चर्चित राजनीतिक लड़ाइयों में शामिल हो चुका है।

नोट: भारतीय जनता पार्टी ने आशुतोष तिवारी को अधिकृत उम्मीदवार घोषित किया है। उम्मीदवार बदलने के पीछे पार्टी की ओर से कोई आधिकारिक कारण सार्वजनिक नहीं किया गया है। इसलिए संभावित कारणों को तथ्य के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।